# FSSAI 14 अंकों का नंबर: लाइसेंस, राज्य और साल की पहचान

2026-09-19T23:41:47+00:00 | Governance | Indian Opinion Desk

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पैकेज्ड फूड पर लिखे 14 अंकों के FSSAI नंबर का पहला अंक बताता है कि यह लाइसेंस (1) है या रजिस्ट्रेशन (2)। दूसरे और तीसरे अंक से राज्य या केंद्रीय अथॉरिटी का कोड पता चलता है, जबकि चौथे और पांचवें अंक लाइसेंस जारी होने के साल की जानकारी देते हैं। नंबर के छठे से आठवें अंक डिज़िग्नेटेड ऑफिसर (DO) के कोड होते हैं और आखिरी छह अंक उस विशेष लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन का सीरियल नंबर दर्शाते हैं। हालांकि FSSAI नंबर खाद्य कारोबार की पंजीकृत पहचान है, लेकिन यह उत्पाद की पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं है। उपभोक्ताओं को पैकेज्ड फूड खरीदते समय FSSAI नंबर के साथ-साथ निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, सामग्री, बैच नंबर, शाकाहारी या मांसाहारी निशान और एलर्जी संबंधी जानकारी भी जरूर देखनी चाहिए।

## Indian Opinion Analysis

FSSAI नंबर की यह संरचना 2011 में लागू खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत बनाई गई थी, जिसमें हर खाद्य व्यवसाय को लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। पहले अंक का 1 या 2 होना यह तय करता है कि व्यवसाय FSSAI के केंद्रीय या राज्य स्तरीय नियमन के दायरे में आता है। यह जानकारी खास तौर पर तब उपयोगी होती है जब कोई उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता, जैसे हाल ही में FSSAI द्वारा नेस्ले के बेबी फूड पर की गई कार्रवाई। उपभोक्ताओं के लिए असली चुनौती यह है कि FSSAI नंबर मौजूद होने के बावजूद नकली या मिलावटी उत्पाद बाजार में आ सकते हैं, क्योंकि यह नंबर सिर्फ पंजीकरण की पुष्टि करता है, उत्पाद की हर खेप की जांच की नहीं। आगे देखने वाली बात यह होगी कि FSSAI नेस्ले मामले में क्या अंतिम कार्रवाई करता है और क्या इससे पैकेज्ड फूड की जांच के नियमों में कोई बदलाव आता है।

## Coverage

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Tags: baby food, food licensing, FSSAI, Nestlé India
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