
ईरान की एक संसदीय समिति अमेरिका, इजरायल और अन्य ‘दुश्मन’ देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोकने वाले शुरुआती बिल की समीक्षा कर रही है। आजतक के अनुसार, बिल तोड़ने…
ईरान की एक संसदीय समिति अमेरिका, इजरायल और अन्य ‘दुश्मन’ देशों के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से रोकने वाले शुरुआती बिल की समीक्षा कर रही है। आजतक के अनुसार, बिल तोड़ने वाले जहाजों पर उनके कार्गो की कीमत का 20% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। एक ईरानी सांसद ने यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी फार्स को दी। मसौदे पर विशेषज्ञों की राय ली जा रही है और संसद इसे अंतिम रूप देने से पहले सुझाव मांग रही है।
आजतक के मुताबिक, होर्मुज के नियंत्रण को लेकर ईरान और ओमान के बीच अंतरिम समझौते पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए खुला रहे और कोई टोल न लगे। ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन अमेरिकी सेना को कुछ हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति में दिक्कत है।
इस खबर को ‘होर्मुज हमेशा के लिए बंद’ या ‘युद्ध बस खत्म होने वाला है’ जैसे दावों में बदलना जल्दबाजी होगी। मसौदा अभी समीक्षा में है, इसलिए प्रस्तावित जुर्माने को लागू नियम समझना गलत होगा। दूसरी ओर, इसे महज बयान कहकर खारिज करना भी ठीक नहीं, क्योंकि समुद्री आवाजाही पर असर व्यापक हो सकता है। असली कसौटी होगी कि संसद बिल पारित करती है या कोई जहाज रोका जाता है।
Source: aajtak.in
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