
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के अगले ही दिन शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करने का ऐलान किया। चंडीगढ़ में…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के अगले ही दिन शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करने का ऐलान किया। चंडीगढ़ में पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के आवास पर हुई बैठक के बाद यह फैसला आया। पार्टी ने परिसीमन पर अपनी पुरानी जिद छोड़ते हुए सभी राज्यों में 50% सीटें बढ़ाने की योजना का समर्थन किया।
आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कटाक्ष किया, जिस पर अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा ने पलटवार करते हुए इसे विपक्ष की घबराहट बताया। हालांकि, BJP से गठबंधन के सवाल पर चीमा ने कहा कि फिलहाल सिर्फ तय फैसलों की बात है। इस कदम को पंजाब की राजनीति में नए समीकरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर अकाली दल का रुख बदलना सिर्फ BJP से दोबारा गठबंधन की अटकलों तक सीमित नहीं है। यह पार्टी के अपने जनाधार और नीतिगत प्राथमिकताओं का भी संकेत है। असली परीक्षा तब होगी जब स्थानीय मुद्दों पर पंजाब में चुनावी मोर्चा खुलेगा और यह देखना होगा कि क्या दोनों दल एक साथ प्रचार करते हैं या केवल बिलों तक सीमित रहते हैं।
Source: aajtak.in
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