
Abhishek Vijaykumar, an Indian-origin man from New Jersey, pleaded guilty in US federal court to knowingly accessing child sexual abuse material. The US Department of Justice said investigators recovered more than 200…
न्यू जर्सी के भारतीय मूल के निवासी अभिषेक विजयकुमार ने अमेरिकी संघीय अदालत में जानबूझकर बाल यौन शोषण सामग्री देखने का अपराध स्वीकार कर लिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि जांचकर्ताओं ने उसके उपकरणों से 200 से अधिक तस्वीरें बरामद की हैं जिनमें तीन साल के बच्चे के शोषण की एक तस्वीर भी शामिल है। विजयकुमार ने मार्च 2024 में इस सामग्री को एक्सेस करने की बात मानी है।
उसे 6 जनवरी 2027 को सजा सुनाई जाएगी और उसे अधिकतम 20 साल तक की जेल हो सकती है। इस मामले की जांच एफबीआई के नेवार्क फील्ड ऑफिस और बर्गेन काउंटी अभियोजक कार्यालय की साइबर अपराध इकाई ने की है।
यह मामला दर्शाता है कि अमेरिकी अधिकारी बाल शोषण के मामलों में कितनी कड़ी सजा देते हैं लेकिन इससे भारतीय समुदाय के प्रति अनुचित कलंक लगने का खतरा भी बना रहता है। तथ्य स्पष्ट हैं कि विजयकुमार ने सामग्री का निर्माण नहीं बल्कि उसे केवल एक्सेस करना स्वीकार किया है। जनवरी 2027 में आने वाला फैसला यह तय करेगा कि अदालत इसे एक गंभीर लेकिन गैर-उत्पादन अपराध मानती है या फिर अधिकतम 20 साल की सजा सुनाती है। असली कसौटी यह है कि सजा अपराध के अनुरूप होनी चाहिए न कि अपराधी की पृष्ठभूमि के आधार पर।
स्रोत: indiatoday.in
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