
The #IamBengaluru volunteer initiative enters its second week after over 500 citizens turned out for 14 activities across Bengaluru. On Sunday (Aug 16), drives include sapling plantation, plogging and park clean-ups at…
बेंगलुरु में 14 विभिन्न गतिविधियों के लिए 500 से अधिक नागरिकों के जुटने के बाद #IamBengaluru स्वयंसेवी पहल अब अपने दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। रविवार (16 अगस्त) को जेपी नगर और कोरमंगला सहित कई स्थानों पर वृक्षारोपण, प्लॉगिंग और पार्क की सफाई जैसे अभियान चलाए गए। पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ जेपी नगर फेस 3 के मिनी फॉरेस्ट में प्लॉगिंग सत्र में शामिल होंगे और पर्यावरण की देखभाल को लेकर स्वयंसेवकों के साथ बातचीत करेंगे। इस पहल को क्रिस्टु जयंती कॉलेज और एनजीओ पार्टनर यूथ फॉर सेवा का समर्थन प्राप्त है।

दूसरी ओर, 28 वर्षीय हर्पेटोलॉजिस्ट यशस भारद्वाज और 69 वर्षीय पूर्व भूविज्ञान प्रोफेसर टी जे रेणुकाप्रसाद ने बेंगलुरु विश्वविद्यालय के 330 एकड़ के बायो पार्क में लगातार 63 रविवार से निःशुल्क नेचर वॉक का नेतृत्व किया है। हर हफ्ते 60 से 300 प्रतिभागियों को आकर्षित करने वाली ये वॉक नागरिकों को 1,000 किस्म के पेड़ों और 180 पक्षियों की प्रजातियों सहित जैव विविधता से परिचित कराती हैं। आईआईएससी के पूर्व छात्र भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने महसूस किया कि जंगल की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका लोगों को पहले उससे प्रेम करना सिखाना है।
ये दोनों अभियान दर्शाते हैं कि कई बेंगलुरुवासी हरे-भरे स्थानों के लिए आगे आने को तैयार हैं, लेकिन इससे नागरिक निकायों को अपनी जिम्मेदारी से बचने का खतरा भी बना हुआ है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 के बाद से भूमि हथियाने और विकास प्रस्तावों ने बायो पार्क की लगभग 100 एकड़ जमीन को खत्म कर दिया है। केवल कानूनी चुनौतियों से इसे नहीं रोका जा सकता, बल्कि नागरिक सतर्कता के साथ-साथ वास्तविक नीति प्रवर्तन भी जरूरी है। असली परीक्षा यह है कि क्या बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) इन क्षेत्रों की रक्षा के लिए औपचारिक रूप से प्रतिबद्ध होगी, या सारा बोझ केवल स्वयंसेवकों पर ही बना रहेगा?
स्रोत (2): timesofindia.indiatimes.com, timesofindia.indiatimes.com (2)
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