
The Indian government has not confirmed whether any official will attend an event organised by the Taliban in New Delhi on Monday to mark what the group calls 'Victory Day'. The event…
तालिबान द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘विजय दिवस’ कार्यक्रम में भारत सरकार का कोई प्रतिनिधि शामिल होगा या नहीं, इस पर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। यह कार्यक्रम 15 अगस्त 2021 की याद दिलाता है जब अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के दौरान तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्रालय से इस बारे में पूछे जाने पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। यह अनिश्चितता तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता न देने और सीमित राजनयिक संबंध बनाए रखने की भारत की पुरानी नीति को दर्शाती है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग भारत की इस चुप्पी को कमजोरी या तालिबान के प्रति झुकाव बता रहे हैं। हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है। नई दिल्ली ने लगातार तालिबान शासन को मान्यता देने से इनकार किया है और काबुल में समावेशी सरकार की मांग दोहराई है। असली पैमाना यह नहीं है कि कार्यक्रम से पहले क्या कहा गया बल्कि यह है कि क्या सोमवार को कोई भारतीय अधिकारी उस कार्यक्रम में जाता है। यह एक विवरण ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट कर देगा।
स्रोत (2): ndtv.com, ndtv.com (2)
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