
A special CBI court in Chennai on Thursday sentenced gangster Chhota Rajan to seven years in prison for obtaining a passport using forged documents, reports thehansindia.com. Rajan had assumed the identity of…
चेन्नई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को गैंगस्टर छोटा राजन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट हासिल करने के लिए सात साल की जेल की सजा सुनाई है। thehansindia.com की रिपोर्ट के अनुसार, राजन ने स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट और राशन कार्ड जैसे फर्जी कागजात जमा करके विजया कदम की पहचान अपनाई थी।

यह सजा 22 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आई है। अदालत का यह फैसला अंडरवर्ल्ड के उस शख्स के खिलाफ चल रहे कई मामलों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जिसे 2015 में इंडोनेशिया से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।
छोटा राजन को सलाखों के पीछे भेजने वाली 22 साल की कानूनी दौड़ यह दर्शाती है कि सिस्टम काम तो करता है लेकिन इसकी धीमी गति सवाल खड़े करती है। यह धारणा कि अपराधी हमेशा बच निकलते हैं इस सजा के बाद गलत साबित होती है लेकिन न्याय मिलने में हुई एक दशक से ज्यादा की देरी त्वरित न्याय का मजाक उड़ाती है। अब असली परीक्षा यह है कि क्या उसके खिलाफ चल रहे जबरन वसूली और हत्या जैसे अन्य मामले भी बिना दो दशक की लंबी कानूनी प्रक्रिया के जल्द सुलझाए जाएंगे। क्या सीबीआई इसके लिए फास्ट ट्रैक अदालतों पर जोर देगी या यह सिर्फ एक इकलौता मामला बनकर रह जाएगा। यह एक ऐसा सवाल है जो सजा की अवधि से कहीं ज्यादा लंबा खिंच गया है।
स्रोत: thehansindia.com
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