
Mumbai police have booked a Central Railway employee and a civil engineer for allegedly demanding Rs 10,000 from the son of Andheri resident Shivsing Balla on August 2. The pair reportedly showed…
मुंबई पुलिस ने 2 अगस्त को अंधेरी निवासी शिवसिंह बल्ला के बेटे से 10,000 रुपये मांगने के आरोप में एक सेंट्रल रेलवे कर्मचारी और एक सिविल इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी पुलिस पहचान पत्र और एक वीडियो दिखाया जिसमें दावा किया गया कि परिवार अवैध रूप से गुटका बेच रहा है। बल्ला को शक हुआ कि वे जालसाज हैं, तो उन्होंने अंधेरी पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने मौके से 33 वर्षीय सिविल इंजीनियर दीपकसिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 35 वर्षीय गुलाबसिंह ठाकुर, जो एक एसी कोच निरीक्षण कर्मचारी है, एक एसयूवी में फरार हो गया और बाद में उसे मीरा रोड में छोड़ दिया। पुलिस को संदेह है कि किसी ज्ञात कॉन्स्टेबल के पहचान पत्र को स्कैन करके फर्जी दस्तावेज बनाया गया था। ठाकुर ने अपनी दादी की मौत का हवाला देकर छुट्टी ली और उत्तर प्रदेश में छिपा होने का अनुमान है। उसे 11 अगस्त को जमानत मिल गई थी।
यह इस बात का सबूत नहीं है कि रेलवे कर्मचारी नियमित रूप से अपनी नौकरी का दुरुपयोग करते हैं, न ही यह साबित करता है कि पुलिस से जुड़ी हर मांग सच्ची है। रिपोर्ट किया गया मामला एक साधारण परीक्षण पर निर्भर करता है: क्या अन्वेषक फर्जी आईडी बरामद कर सकते हैं, यह पता लगा सकते हैं कि इसे किसने बनाया और 10,000 रुपये की मांग का पता लगा सकते हैं। फरार कर्मचारी की गिरफ्तारी और अदालत के अंतिम निष्कर्ष शुरुआती दावों से अधिक मायने रखेंगे।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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