
False social media posts have blamed Alaska’s High-frequency Active Auroral Research Program, or HAARP, for the 7.4-magnitude earthquake that struck western Colombia on Monday. The quake has killed at least 270 people…
सोशल मीडिया पर फैली झूठी खबरों में अलास्का के हाई-फ्रीक्वेंसी ऑरोरल रिसर्च प्रोग्राम (HAARP) को सोमवार को पश्चिमी कोलम्बिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़ा गया। इस भूकंप में कम से कम 270 लोगों की मौत हुई है और व्यापक क्षति हुई है, जबकि बचाव अभियान जारी है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इस भूकंप को स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग से जोड़ा, जिसमें पृथ्वी की पपड़ी के हिस्से क्षैतिज रूप से चलते हैं। यह भूकंप कोलम्बिया के प्रशांत क्षेत्र में लगभग 110 किलोमीटर गहराई पर आया, जो प्रशांत रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। वैज्ञानिकों ने कहा कि HAARP के ऊपर की ओर इशारा करने वाले रेडियो ट्रांसमीटरों में भूकंप को ट्रिगर करने के लिए ऊर्जा और भौतिक तंत्र की कमी है। अलास्का फेयरबैंक्स विश्वविद्यालय 2015 से इस कार्यक्रम का संचालन कर रहा है।
यहां आसान कहानी यह है कि एक गोपनीय-सा लगने वाला सैन्य-संबंधित प्रोजेक्ट ही किसी तबाही की व्याख्या कर सकता है। इसके विपरीत यह दावा कि मानव गतिविधि कभी भूकंप को प्रभावित नहीं कर सकती, भी लापरवाह होगा। वैज्ञानिक उथले, छोटे भूकंपों को, जो अपशिष्ट जल इंजेक्शन जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं, और इस गहरी, शक्तिशाली घटना के बीच अंतर करते हैं। उपयोगी परीक्षण सरल है: क्या विश्वसनीय भूवैज्ञानिक सबूत HAARP के ट्रांसमिशन को भूकंप के 110 किलोमीटर के स्रोत से जोड़ते हैं? अभी तक, ऐसा नहीं है।
स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स
यह कहानी उपरोक्त स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई है।