
Chhattisgarh IPS officer Rahul Bansal has dismissed as 'baseless' an allegation that he took a Rs 1 crore bribe to settle a cyber-fraud case. The complaint, filed by Ravi Mohan Goswami, claims…
छत्तीसगढ़ के आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल ने साइबर धोखाधड़ी मामले को निपटाने के लिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है। रवि मोहन गोस्वामी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया गया है कि यह भुगतान मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हवाला के जरिए किया गया था। बंसल ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है जो अभी इस मामले पर विचार कर रही है।
यह मामला मनीट्रेड365 जैसे फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई 21.15 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच अब एक बहुस्तरीय नेटवर्क तक फैल चुकी है और पुलिस का आरोप है कि चार महीनों के भीतर क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में 1,880 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। आठ राज्यों से 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पांच चार्जशीट दाखिल की गई हैं। शिकायतकर्ता ने सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग पेश की है।
आमतौर पर ऐसी कहानियों में एक तरफ शिकायतकर्ता और दूसरी तरफ भ्रष्ट अधिकारी होता है लेकिन यहां पेश किए गए व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग जैसे सबूतों को न्यायिक जांच की कसौटी पर खरा उतरना होगा। दोनों पक्षों के गंभीर दावों के बीच असली परीक्षा यह होगी कि क्या अदालत को कथित हवाला ट्रेल और क्रिप्टोकरेंसी लिंक के कोई ठोस सबूत मिलते हैं। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या रिश्वत का आरोप सामने आने से पहले पुलिस जांच में इन लेन-देनों का पता चला था।
स्रोत: hindustantimes.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।