
Three tourists were killed and 19 others, including a 10-month-old infant, injured after a tempo traveller carrying 22 people plunged into a deep gorge on the Bhowali-Mukteshwar road in Uttarakhand’s Nainital district…
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार दोपहर उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भोवाली-मुक्तेश्वर मार्ग पर 22 लोगों से भरा टेंपो ट्रैवलर गहरी खाई में गिर गया जिसमें तीन पर्यटकों की मौत हो गई और 10 महीने के बच्चे सहित 19 अन्य घायल हो गए। वाहन मुक्तेश्वर से नैनीताल की ओर जा रहा था तभी कथित तौर पर घुमावदार सड़क पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन फिसलकर खाई में जा गिरा।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय निवासियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और पीड़ितों को बाहर निकाला। घायलों को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी सरकारी अस्पताल ले जाया गया। मृतकों की पहचान फरीदाबाद निवासी प्रदीप (26), सुमित (25) और अभिषेक के रूप में हुई है। अधिकांश यात्री फरीदाबाद और दिल्ली के रहने वाले थे।
पहाड़ी सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अक्सर बिना यह जांचे कि राज्य सुरक्षित मार्ग, उचित अवरोध और गति प्रवर्तन सुनिश्चित कर रहा है या नहीं, चालक की गलती को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटक इन रास्तों को सुरक्षित मानकर चलते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या उत्तराखंड सरकार मुक्तेश्वर मार्ग के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट जारी करेगी या अन्य त्रासदियों की तरह यह मामला भी केवल मुआवजे की सूची तक सिमट कर रह जाएगा?
स्रोत: hindustantimes.com
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