
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर शुगर, बीपी और अन्य बीमारियों की दवाएं 10 प्रतिशत महंगी हो गई हैं। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश में संचालित इन केंद्रों पर लागू है, जो सस्ती दवाओं के लिए जाने जाते हैं।

फार्मा कंपनियों के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण उन्हें दवाओं के दाम बढ़ाने पड़े हैं। इस बढ़ोतरी से आम आदमी पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मूल्य वृद्धि उन दवाओं पर लागू है जिनकी कम कीमत योजना की मुख्य पहचान थी। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की ब्रांडिंग ही सस्ती दवाओं पर थी, इसलिए 10% बढ़ोतरी समाज के सबसे कमजोर वर्गों को प्रभावित करेगी जो रोजाना शुगर और बीपी जैसी दवाओं पर निर्भर हैं। खबर में आगे की कोई योजना या सरकारी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, और न ही यह स्पष्ट है कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है या स्थायी। सबसे बड़ा खुला सवाल यह है कि क्या सरकार इस बढ़ी हुई लागत को सब्सिडी देकर कम करेगी या फार्मा कंपनियों के तर्क को स्वीकार करेगी।
Source: amarujala.com
This brief was synthesised by AI from the source linked above. Methodology and corrections.