
विदेशी संपत्ति और कमाई के खुलासे के लिए FAST-DS (फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम), 2026 16 अगस्त से शुरू हो गई है। बिज़नेस टुडे के अनुसार, यह योजना 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत वे लोग अपनी पहले न बताई गई विदेशी संपत्ति या कमाई की जानकारी दे सकते हैं, जो उस साल भारत के निवासी थे। संपत्ति को दो श्रेणियों में बांटा गया है: पहली में वह संपत्ति जिस पर टैक्स नहीं दिया गया और जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये तक हो; दूसरी में वह संपत्ति जिस पर टैक्स चुकाया जा चुका है या जो अनिवासी के दौरान खरीदी गई, कीमत 5 करोड़ रुपये तक।
पहली श्रेणी में कुल 60 फीसदी (30% टैक्स + 30% अतिरिक्त) देना होगा। दूसरी में 1 लाख रुपये की नियत फीस है। संपत्ति की कीमत 31 मार्च 2026 के आधार पर तय होगी। बैंक खाते, शेयर, जमीन आदि के लिए अलग नियम हैं। जानकारी ऑनलाइन फॉर्म 1 से देनी होगी, जिसके बाद विभाग फॉर्म 2 के जरिए भुगतान राशि बताएगा। भुगतान आदेश मिलने के दो महीने में करना होगा, देरी पर 1% मासिक ब्याज लगेगा। सही जानकारी और भुगतान पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई से छूट मिल सकती है।
Source: bazaar.businesstoday.in
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