
AAP councillors turned the Municipal Corporation of Delhi meeting into a protest venue on Thursday, demanding a rollback of the Centre's E20 fuel policy. Carrying posters and pamphlets, they triggered sloganeering and…
गुरुवार को दिल्ली नगर निगम की बैठक में AAP पार्षदों ने केंद्र की E20 ईंधन नीति को वापस लेने की मांग करते हुए हंगामा किया। हाथ में पोस्टर और पर्चे लेकर उन्होंने नारेबाजी की और भाजपा सदस्यों के साथ तीखी बहस हुई। व्यवधान जारी रहने के कारण मेयर प्रवेश वाही ने सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।

AAP का आरोप है कि यह नीति वाहन मालिकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगी और पुराने वाहनों पर बुरा असर डाल सकती है। विरोध प्रदर्शन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हो गया। भाजपा पार्षदों ने इस प्रदर्शन का विरोध करते हुए AAP पर निगम के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया।
दोनों पक्ष एक ही पुरानी पटकथा दोहरा रहे हैं। AAP इसे एक प्रतिगामी नीति के खिलाफ संघर्ष के रूप में पेश कर रही है तो भाजपा उन्हें ऐसे लोगों के रूप में दिखा रही है जो नागरिक कर्तव्यों के बजाय दिखावे में ज्यादा रुचि रखते हैं। असली सवाल यह है कि क्या MCD कोई प्रस्ताव पारित करेगी या पुराने वाहनों के लिए कानूनी छूट मांगेगी। क्या दोनों पक्षों में से कोई भी नारों से आगे बढ़कर कोई ठोस मांग रख सकता है?
स्रोत: thehansindia.com
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