
BJP MLA from Dharamshala, Sudhir Sharma, skipped his summons by the Himachal vigilance bureau on August 13, citing that he was out of the state. The bureau had registered an FIR against…
धर्मशाला से बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा 13 अगस्त को हिमाचल विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश नहीं हुए और उन्होंने राज्य से बाहर होने का हवाला दिया। ब्यूरो ने 29 जुलाई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया था। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शर्मा ने इस कार्रवाई को वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने ब्यूरो को सूचित किया है कि वे 18 अगस्त को पेश होकर आय रिकॉर्ड, संपत्ति का विवरण और बैंक खातों समेत अन्य दस्तावेज सौंपेंगे। आदेश न मानने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का शर्मा का दावा एक पुरानी पटकथा है क्योंकि जांच के दायरे में आने वाले हर राजनेता की यही दलील होती है। लेकिन आय से अधिक संपत्ति का आरोप कानून का सवाल है न कि राजनीति का। जब तक वे 18 अगस्त को मांगे गए दस्तावेज जमा नहीं कर देते, तब तक यह आरोप ही है दोषसिद्धि नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्या उनकी घोषित संपत्ति उनकी ज्ञात आय से मेल खाती है। वह आंकड़ा और ब्यूरो के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि यह प्रतिशोध है या जवाबदेही।
स्रोत: hindustantimes.com
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