
The Delhi Police has digitally mapped and verified more than 20,000 houses, offices, hotels and guest houses around Red Fort using the eParikshan app ahead of Independence Day. The exercise is one…
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर ई-परीक्षण ऐप का उपयोग करके लाल किले के आसपास 20,000 से अधिक घरों, कार्यालयों, होटलों और गेस्ट हाउसों को डिजिटल रूप से मैप और सत्यापित किया है। यह कवायद स्मारक के पास पिछले साल हुए आतंकी हमले के बाद इलाके में अब तक का सबसे व्यापक सत्यापन अभियान है जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी।
ई-परीक्षण ऐप, जो बिना इंटरनेट के काम करता है, जीपीएस टैगिंग, तस्वीरों और प्रत्येक परिसर के लिए एक विशिष्ट आईडी का उपयोग करता है। पुलिस ने बॉडी-वर्न कैमरे, एआई-सक्षम चश्मे भी तैनात किए हैं और आसपास के 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को स्कैन किया है। बीट अधिकारी वास्तविक समय में रिकॉर्ड को अपडेट और ट्रैक कर सकते हैं, जिससे संवेदनशील इवेंट जोन में निवासियों और किरायेदारों की डिजिटल जनगणना तैयार हो रही है।
ई-परीक्षण और एआई चश्मे जैसी तकनीक पर भरोसा करना सराहनीय है, लेकिन इसके निवारक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर आंकने का जोखिम है। डिजिटल रिकॉर्ड केवल मानवीय कार्रवाई के बाद ही प्रभावी होते हैं क्योंकि ऑफलाइन सत्यापन और बीट-स्तर की सतर्कता आज भी मायने रखती है। असली परीक्षा 15 अगस्त को होगी कि क्या डेटा का उपयोग विसंगतियों को तुरंत पहचानने के लिए किया जाएगा। साथ ही, क्या पुलिस इस आयोजन के बाद भी रिकॉर्ड को अपडेट रख पाएगी या ये सिर्फ एक पुराना डेटाबेस बनकर रह जाएंगे?
स्रोत: hindustantimes.com
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