
Four people died after inhaling toxic gas while repairing a motor inside a well in Garh Karmauni village in Bihar's Gaya district on Friday. The deceased have been identified as Chamari Manjhi,…
बिहार के गया जिले के गढ़ करमौनी गांव में शुक्रवार को एक कुएं के भीतर मोटर ठीक करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चमरी मांझी, उनके बेटे दिलचंद मांझी, तथा विकास और विजय चौधरी के रूप में हुई है।

यह घटना डोभी थाना क्षेत्र में हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस तरह की त्रासदी ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा के प्रति लगातार बनी हुई उदासीनता को दर्शाती है। हालांकि सरकार की ओर से दी गई त्वरित आर्थिक सहायता सराहनीय है लेकिन यह बचाव का विकल्प नहीं हो सकती। यह धारणा कि कुछ नहीं किया जा सकता गलत है क्योंकि छोटे से गैस डिटेक्टर और कुएं में उतरने से पहले पर्याप्त वेंटिलेशन जैसी सावधानियां लोगों की जान बचा सकती हैं। अब असली परीक्षा यह है कि क्या जिला प्रशासन सभी पुराने कुओं का ऑडिट कराएगा और इनमें किसी के भी उतरने से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य करेगा।
स्रोत (2): hindustantimes.com, indiatvnews.com
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