
An elderly former Mumbai textile trader died after a prolonged illness at an old-age home in Sonipat, Haryana, where he had lived for nearly two years. His wife, Meena, had died earlier.…
मुंबई के एक पूर्व कपड़ा व्यापारी का हरियाणा के सोनीपत स्थित वृद्धाश्रम में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे यहां करीब दो साल से रह रहे थे और उनकी पत्नी मीना का पहले ही निधन हो चुका था। नेपाल, उत्तर प्रदेश और मुंबई में रह रही उनकी तीन बेटियों को पिता की बिगड़ती तबीयत और निधन की सूचना दी गई थी लेकिन वे सोनीपत नहीं पहुंच सकीं। वृद्धाश्रम के प्रबंधन और स्थानीय निवासियों ने अंतिम संस्कार संपन्न कराया जबकि बेटियां वीडियो कॉल के जरिए इस प्रक्रिया को देखती रहीं। उन्होंने बाद में वीडियो मांगे और पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने का आग्रह किया। एक बेटी ने 5,100 रुपये भेजे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इंडिया टुडे का हवाला देते हुए बताया गया है कि बुजुर्ग के नेत्रदान भी किए गए।
वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार में शामिल होना दुखद लग सकता है लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्पष्ट नहीं है कि बेटियां यात्रा क्यों नहीं कर पाईं या यह उपेक्षा का मामला है। ऐसे में परिवार द्वारा उन्हें छोड़ देने का दावा करना जल्दबाजी होगी। यह घटना दर्शाती है कि जब परिजन दूर हों तो वृद्धाश्रम और तकनीक किस तरह अंतिम संस्कार में सहायता कर सकते हैं। परिवार के फैसलों पर कोई भी राय बनाने से पहले और अधिक जानकारी की आवश्यकता है।
सूत्र (2): hindustantimes.com, dnaindia.com
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