
An 18-year-old second-year mechanical engineering student from Rajasthan died after falling from the third floor of the Nalanda complex at IIT-Kharagpur on Thursday. A cleaning staff member found him with serious injuries…
राजस्थान के रहने वाले 18 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र की गुरुवार को आईआईटी खड़गपुर के नालंदा कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। दोपहर करीब 3 बजे सफाई कर्मचारी को वह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। कैंपस अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने इसे अप्राकृतिक मौत बताया है और मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
संस्थान में इस साल छात्र की मौत की यह तीसरी घटना है। अप्रैल में 22 वर्षीय एम.टेक छात्र अपने हॉस्टल में मृत पाया गया था जबकि एक 21 वर्षीय छात्र की मौत दूसरी इमारत से गिरने के कारण हुई थी। साल 2025 में अब तक कम से कम सात छात्रों की मौत दर्ज की गई है जिसमें पांच आत्महत्याएं शामिल हैं। संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली और कैंपस मदर कार्यक्रम शुरू किया है लेकिन विशेषज्ञों ने इसे केवल दिखावा करार दिया है।
आईआईटी खड़गपुर में होने वाली हर मौत के बाद कैंपस मदर के समाधान या सिस्टम की विफलता की चर्चा होने लगती है। ये बातें उन युवाओं के दर्द को बयां नहीं कर पातीं जो पढ़ाई के दौरान अपनी जान गंवा रहे हैं। कोई जेंडर आधारित कार्यक्रम या ऐप अकेलेपन और दबाव के आगे एक विकल्प नहीं हो सकता। संस्थान के लिए असली परीक्षा यह है कि क्या वे अपनी जांच रिपोर्ट और एफआईआर के आंकड़े सार्वजनिक करते हैं या केवल हेल्पलाइन नंबर देकर खानापूर्ति करते रहेंगे।
स्रोत: thehindu.com
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