
Music composer Leslee Lewis has shared fond memories of working with the late singing legend Asha Bhosle, recalling that she prioritised mood and mindspace over studio bookings. He told IANS in Mumbai…
संगीतकार लेसली लुईस ने दिग्गज गायिका आशा भोसले के साथ काम करने की यादें साझा करते हुए बताया कि वे स्टूडियो बुकिंग से ज्यादा मूड और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता देती थीं। उन्होंने मुंबई में आईएएनएस को बताया कि भोसले रिकॉर्डिंग टाल देती थीं यदि वे सही मानसिक स्थिति में नहीं होती थीं और कहती थीं कि आज मेरा गाने का मन नहीं है। लुईस ने यह भी बताया कि कैसे भोसले ने एक पुरस्कार समारोह के दौरान उन्हें मंच पर बुलाकर अपनी जीत का श्रेय उन्हें दिया था जिसे उन्होंने एक युवा कलाकार के लिए बेहद उत्साहजनक बताया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान हरिहरन के साथ लुईस के एल्बम ‘कोलोनियल कजिन्स’ का विनाइल संस्करण और भारतीय प्रीमियम कॉफी का एक बॉक्स उपहार में दिया था।

आशा भोसले के बारे में अक्सर यह धारणा रही है कि वे बीते दौर की एक ऐसी मशीन थीं जो केवल गाना जानती थीं। लेकिन लेसली लुईस का यह बताना कि वे मूड ठीक न होने पर गाने से इनकार कर देती थीं इस औद्योगिक नजरिए को चुनौती देता है। यह हमें याद दिलाता है कि दिग्गज कलाकार भी इंसान होते हैं और उनकी कला प्रक्रिया असेंबली लाइन जैसी पूर्णता नहीं बल्कि भावनात्मक सत्य पर आधारित थी। एक गायिका की विरासत की असली परीक्षा यह नहीं है कि उसने कितने गाने रिकॉर्ड किए बल्कि यह है कि उसने मंच पर कितने कलाकारों को अपने साथ प्रोत्साहित किया जैसा उन्होंने लुईस के साथ किया था। यही असली पैमाना है।
स्रोत: thehansindia.com
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