
The Mizoram BJP on Friday accused some church leaders of spreading incorrect information about the Foreign Contribution (Regulation) Act amendment Bill and misleading the public. State BJP general secretary Delson Notlia said…
मिजोरम भाजपा ने शुक्रवार को कुछ चर्च नेताओं पर विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर गलत जानकारी फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। प्रदेश भाजपा महासचिव डेल्सन नोटलिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह विधेयक पारदर्शिता सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ विदेशी अंशदान के दुरुपयोग को रोकने के लिए पेश किया गया है।
नोटलिया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि प्रस्तावित संशोधनों का लक्ष्य ईसाई समुदाय नहीं है और इनका पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं होगा। शाह ने बताया कि वर्ष 2025-26 में भारत को प्राप्त 17,000 करोड़ रुपये के विदेशी अंशदान में से ईसाई संगठनों को 15 प्रतिशत से कम राशि मिली। चर्च के नेता धारा 16ए का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें संपत्तियों की जब्ती का डर है। यह विधेयक अभी संयुक्त संसदीय समिति के पास है।
इस विवाद में दोनों ही पक्ष डर का सहारा ले रहे हैं। मिजोरम में चर्च के नेताओं ने आशंका जताई है कि स्थानीय धन से खरीदी गई इमारतें जब्त की जा सकती हैं और यह ऐसा दावा है जिसका समर्थन विधेयक का मसौदा नहीं करता। लेकिन भाजपा भी सभी चिंताओं को शरारत कहकर खारिज करने में जल्दबाजी कर रही है विशेषकर तब जब सरकार ने अभी तक मसौदे को सार्वजनिक जांच के लिए जारी नहीं किया है। असली परीक्षा तब होगी जब संयुक्त संसदीय समिति अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। यदि समिति यह स्पष्ट कर देती है कि किन संपत्तियों को विवादास्पद माना जाएगा तो भ्रम की स्थिति समाप्त हो जाएगी।
स्रोत: deccanchronicle.com
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