
Britain has condemned Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu for calling the UK an 'Islamic republic' and suggesting it could become the 'first Islamic republic with nuclear weapons'. The remarks were made in…
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने आर्मी रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में ब्रिटेन को ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ कहा और इसे ‘परमाणु हथियारों वाला पहला इस्लामिक रिपब्लिक’ बनने की चेतावनी दी। उन्होंने इजरायल के प्रति ब्रिटेन के बदलते रुख की आलोचना की और आधी सदी पहले पत्रकार रैंडोल्फ चर्चिल द्वारा की गई सकारात्मक कवरेज से इसकी तुलना की।
ये टिप्पणियां तब आई हैं जब नेतनयाहू ने गाजा युद्ध समाप्त करने की अमेरिका समर्थित योजना को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हमास पूरी तरह निहत्था नहीं हो जाता तब तक इजरायल पीछे नहीं हटेगा। प्रस्तावित समझौते में मांग की गई थी कि इजरायल हमले रोक दे और लगभग 60% कब्जे वाले इलाके से हट जाए जबकि हमास अपना निशस्त्रीकरण शुरू करे। इस बीच फलस्तीनियों ने गाजा सिटी में नवंबर 2023 के एक हवाई हमले में नष्ट हुए आवासीय ब्लॉक से बरामद 40 बच्चों समेत 112 शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया।
‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ का लेबल एक सोची समझी उकसावे वाली टिप्पणी है जिसे इजरायल की घरेलू आलोचना को नीतिगत असहमति के बजाय सभ्यतागत विश्वासघात के रूप में पेश करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। लेकिन यह आलस भरा और खतरनाक है क्योंकि यह किसी देश की विदेश नीति संबंधी असहमति को उसकी पूरी संवैधानिक पहचान के साथ जोड़ देता है। ब्रिटेन एक इस्लामिक रिपब्लिक नहीं है और इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल उन वास्तविक धर्मतांत्रिक देशों के महत्व को कम करता है जो वास्तव में असहमति को दबाते हैं। बड़ी चुनौती यह है कि क्या नेतनयाहू का अमेरिका समर्थित युद्धविराम योजना को खारिज करना इजरायल को और अधिक अलग-थलग कर देगा या फिर उसे एक ऐसे संशोधित समझौते के लिए मजबूर करेगा जो निशस्त्रीकरण और वापसी दोनों मुद्दों को हल करे।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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