
The Odisha government on Friday appointed senior IPS officer Vinaytosh Mishra as acting director general of police (DGP) after incumbent Y.B. Khurania retires on August 16. Mishra, currently DG of the Crime…
ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विनयतोष मिश्रा को 16 अगस्त को मौजूदा डीजीपी वाई बी खुरानिया की सेवानिवृत्ति के बाद कार्यकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच के डीजी के तौर पर कार्यरत मिश्रा अगले आदेश तक पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थायी डीजीपी के लिए यूपीएससी चयन प्रक्रिया को 18 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार अदालत द्वारा निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने पीठ को बताया कि ओडिशा ने एक अतिरिक्त डीजी को पदोन्नति देकर और उन्हें उम्मीदवारों में शामिल करने की मांग करके प्रकाश सिंह फैसले का उल्लंघन किया है। ओडिशा के महाधिवक्ता ने चेतावनी दी थी कि यदि चयन नहीं हुआ तो राज्य के पास केवल एक कार्यकारी डीजीपी ही बचेगा।
इस विवाद में दोनों पक्षों की अपनी बात है। राज्य को बिना पुलिस प्रमुख के नहीं छोड़ा जा सकता लेकिन डीजीपी की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए ही बने हैं। याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए ‘पिछले दरवाजे से प्रवेश’ के आरोप और सरकार की प्रशासनिक आवश्यकता की दलील की परीक्षा 18 अगस्त को कोर्ट की सुनवाई में होगी। यदि अदालत को चयन प्रक्रिया में आदेशों का उल्लंघन मिला तो क्या वह इस कार्यकारी नियुक्ति को रद्द कर देगी? यह जवाब तय करेगा कि राज्य प्रकाश सिंह ढांचे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
स्रोत: hindustantimes.com
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