
Opposition MPs protested in the Parliament complex over allegations of donation embezzlement at the Ayodhya Ram temple and police action against student protesters. They carried placards, raised slogans and displayed a donation…
विपक्ष के सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में चंदा हेराफेरी के आरोपों और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में तख्तियां लीं, नारेबाजी की और चंदा पेटी का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्य शामिल थे। विपक्ष ने चर्चा की मांग की है और 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग की स्वतंत्र जांच तथा गिरफ्तारियों व घायलों का विवरण मांगा है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और सीपीआई पर भगवान राम विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की है। चंदे के दुरुपयोग और पुलिस ज्यादती के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संसद में विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही बाधित रही, हालांकि नेताओं ने लंबित विधेयकों पर चर्चा भी की।
मंदिर चंदे और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोप गंभीर हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी से तथ्यों या जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं होती। एक निष्पक्ष जांच से सबूतों को राजनीतिक दावों से अलग करने में मदद मिलेगी। विरोधियों को राम विरोधी बताना मुद्दों को सुलझाने के बजाय धार्मिक और ध्रुवीकरण वाला स्वर देता है। संसद को जांच की अनुमति देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदर्शन या सरकारी प्रतिक्रिया विधायी कार्यों में बाधा न बने और न ही वे प्रमाणित निष्कर्षों का विकल्प बनें।
स्रोत (3): deccanherald.com, hindustantimes.com, thehindubusinessline.com
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