
The Rajya Sabha passed by voice vote the Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026, replacing an ordinance that increased the sanctioned strength from 34 to 38 judges. The Lok Sabha…
राज्यसभा ने ध्वनिमत से सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026 पारित कर दिया है। यह विधेयक उस अध्यादेश की जगह लेगा जिसके जरिए जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़कर 38 की गई थी। लोकसभा ने इसे सोमवार को बिना किसी बहस के पारित कर दिया था। धन विधेयक होने के कारण ऊपरी सदन से मंजूरी मिलने के बाद इसे लोकसभा को लौटा दिया गया।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इस वृद्धि से मामलों के निपटारे में मदद मिलेगी और मुख्य न्यायाधीश को संविधान पीठों के गठन में अधिक लचीलापन मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे मुख्य न्यायाधीश के पत्र का हवाला देते हुए बढ़ते मामलों और नौ जजों की सबरीमाला पीठ का जिक्र किया। रिपोर्ट में नियुक्ति की कोई समय सीमा या प्रभाव के बारे में कोई स्वतंत्र डेटा नहीं दिया गया है।
जजों की स्वीकृत संख्या बढ़ाना तब मददगार हो सकता है जब इन चार पदों को तुरंत भरा जाए और अदालती क्षमता को भी बेहतर बनाया जाए। हालांकि रिपोर्ट यह स्पष्ट नहीं करती कि इस बदलाव से लंबित मामलों में कितनी कमी आएगी। यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि इससे न्यायिक दक्षता में रातों-रात सुधार आ जाएगा। विपक्ष की अनुपस्थिति और न्यायिक तथा स्वतंत्र विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया न मिलने से कार्यान्वयन और प्रभाव से जुड़े अहम सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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