
The Punjab and Haryana High Court granted regular bail to Sanjay @ Fauji, son-in-law of self-styled godman Rampal, in the 2014 Satlok Ashram violence case. The court noted that all 49 material…
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 2014 सतलोक आश्रम हिंसा मामले में स्वयंभू बाबा रामपाल के दामाद संजय उर्फ फौजी को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने गौर किया कि सभी 49 मुख्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और रामपाल समेत अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। संजय चार साल और 21 दिन से हिरासत में था।
यह मामला नवंबर 2014 के उस संघर्ष से जुड़ा है जब पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी। उस दौरान 1,500 से 2,000 सशस्त्र अनुयायियों ने बंदूकों, पेट्रोल बम और पत्थरों से हमला कर दिया था, जिसमें 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पूर्व सैनिक संजय पर अनुयायियों को प्रशिक्षित करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष ने गवाहों को प्रभावित करने की दलील दी थी लेकिन हाई कोर्ट ने यूएपीए के तहत जमानत के सिद्धांत को आधार माना।
कुछ लोग इसे यूएपीए के आरोपियों के प्रति अदालतों की नरमी के रूप में देख सकते हैं लेकिन हाई कोर्ट का तर्क मजबूत है। चूंकि सभी मुख्य गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है इसलिए गवाहों को प्रभावित करने का जोखिम खत्म हो गया है और खुद रामपाल भी बाहर है। अब असली मुद्दा सुनवाई में तेजी लाने का है। यदि 11 साल बाद भी अभियोजन पक्ष दोष सिद्ध नहीं कर पाता है तो सवाल न्यायिक उदारता पर नहीं बल्कि जांच की गुणवत्ता पर उठेगा।
स्रोत: livelaw.in
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।