
Telangana Congress president Mahesh Kumar Goud has warned of strict disciplinary action against Munugode MLA Komatireddy Rajgopal Reddy for speaking publicly against the party line. Goud said the party high command was…
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने चेतावनी दी है कि पार्टी अनुशासन का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी को भी पार्टी लाइन के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह चेतावनी कांग्रेस विधायक के राजगोपाल रेड्डी की उन टिप्पणियों के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि दूसरी पार्टियों से आए नेता निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर हावी हो रहे हैं। गौड़ ने रेड्डी की नाराजगी को स्वीकार किया लेकिन कहा कि पार्टी सर्वोपरि है और आलाकमान इस पर नजर रख रहा है।
गौड़ ने राज्य के कर्ज के लिए के चंद्रशेखर राव की पिछली बीआरएस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि 2018 से बिल लंबित थे और मुख्यमंत्री राहत कोष से राशि का आवंटन कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद ही शुरू हुआ। उन्होंने फाइन राइस योजना का बचाव करते हुए इसे देश में अनूठी बताया। चेयरमैन नियुक्तियों पर गौड़ ने संकेत दिया कि 60 प्रतिशत पद वरिष्ठ नेताओं को और 40 प्रतिशत अन्य को दिए जाएंगे।
यह दलीय राजनीति का जाना पहचाना क्रम है जहां एक विधायक अपनी बात रखता है और मुखिया चाबुक चलाता है। बजट के घाटे के लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराना भी आम बात है। बाहरी लोगों द्वारा निष्ठावानों को दरकिनार करने का नैरेटिव हर पार्टी में पुराना है लेकिन इससे शायद ही कभी कोई वास्तविक सुधार होता है। असली परीक्षा यह है कि क्या आलाकमान वास्तव में असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई करता है या केवल चेतावनी देकर खानापूर्ति करता है। यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो राजगोपाल रेड्डी की टिप्पणी केवल शोर बनकर रह जाएगी।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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