
Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami visited the under-construction THDC tunnel at Mayapur (Pipalkoti) on Friday after debris and water entered the tunnel, trapping 22 workers. During his on-site inspection, Dhami entered…
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मायापुर (पीपलकोटी) में निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग का दौरा किया। सुरंग में मलबा और पानी भरने से 22 मजदूर फंस गए थे। निरीक्षण के दौरान धामी सुरंग के भीतर गए और बचाव कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने उन्हें बताया कि अब तक 19 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि सात की मौत हो गई है और तीन अब भी फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बचाव कार्य को प्राथमिकता देने और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी तथा पुलिस टीमों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की यह सुरंग लगभग 3 किमी लंबी है और जमीन धंसने के कारण इसके 1.5 किमी हिस्से में मलबा और पानी भर गया था।
आधिकारिक बयान मुख्यमंत्री के त्वरित दौरे और बचाव तंत्र की दक्षता पर केंद्रित है। हालांकि 22 में से 19 मजदूरों को बचा लिया गया है, लेकिन सात मौतें और तीन लोगों का अब भी लापता होना एक दुखद पहलू है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि टीएचडीसी की जिस सुरंग को भारतीय मानकों के अनुरूप बनाया जाना था, वहां जमीन धंसने की घटना कैसे हुई। जीत का दावा करने से पहले राज्य सरकार को इस हिस्से की भूवैज्ञानिक सर्वे और सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। सुरंग के डिजाइन और जमीन धंसने के कारणों पर पूरी पारदर्शिता ही ऐसी त्रासदियों को नियमित राजनीतिक फोटो-ऑप्स बनने से रोक सकती है।
स्रोत: timesnownews.com
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