
A woman and her newborn baby were twice carried across the flooded Utangan river in Agra’s Bah area on a cot placed on a rubber tube, as there is no bridge or…
आगरा के बाह क्षेत्र में पुल और पक्की सड़क न होने के चलते एक महिला और उसके नवजात शिशु को रबर ट्यूब पर रखी खाट के सहारे उफनती उत्तंगन नदी दो बार पार कराई गई। बुधवार रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला केशवती को इसी तरह नदी पार कराकर एम्बुलेंस तक ले गए। उसने फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को जन्म दिया और गुरुवार सुबह उसे छुट्टी मिल गई। घर लौटने के लिए परिवार को फिर से वही खतरनाक सफर करना पड़ा। इस वापसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसने पुल की लंबे समय से लंबित मांग को फिर हवा दे दी है।
बाह के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि प्रशासन मानसून के दौरान कनेक्टिविटी की इस समस्या से अवगत है लेकिन ब्लॉक स्तर पर फंड की कमी है। इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
वायरल वीडियो भले ही हैरान करने वाला हो लेकिन ग्रामीण भारत के लिए यह कोई नई कहानी नहीं है। सिर्फ स्थानीय प्रशासन को दोष देना पर्याप्त नहीं है क्योंकि बड़े पुलों के निर्माण के लिए ब्लॉक स्तर का बजट नाकाफी है और राज्य सरकार ने अभी तक प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की है। असली परीक्षा यह है कि क्या यह वीडियो आने वाले उत्तर प्रदेश बजट में धन आवंटन का मार्ग प्रशस्त करेगा या अगली बाढ़ के साथ ही इसे भुला दिया जाएगा।
स्रोत: hindustantimes.com
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