
Hyderabad-based Zen Technologies has delivered India's first AI-enabled containerised small arms firing range (CSAFR) to the Indian Navy ahead of schedule. The system, conceptualised by the Navy, allows realistic live-fire training for…
हैदराबाद स्थित जेन टेक्नोलॉजीज ने भारतीय नौसेना को भारत की पहली एआई-सक्षम कंटेनर आधारित स्मॉल आर्म्स फायरिंग रेंज (CSAFR) समय से पहले ही सौंप दी है। नौसेना द्वारा तैयार की गई यह प्रणाली समुद्री और तटीय सुरक्षा अभियानों के लिए वास्तविक लाइव-फायर प्रशिक्षण की अनुमति देती है। इसमें जहाज पर चढ़ने और बेड़े की सुरक्षा जैसे अभ्यास शामिल हैं और इसके लिए जमीन, मौसम या रसद जैसी बाधाओं से ग्रस्त पारंपरिक आउटडोर रेंज की आवश्यकता नहीं होती।
CSAFR में शून्य-खतरा क्षेत्र है और शोर का स्तर बहुत कम है, जिससे शहरी इलाकों में भी इसका सुरक्षित उपयोग संभव है। कंपनी के अनुसार, यह 24 घंटे प्रशिक्षण में मदद करती है और एक सामान्य रेंज में पांच दिन लगने वाले काम की तुलना में एक दिन में 100 सैनिकों को प्रशिक्षित कर सकती है। इसके अलावा, प्रत्येक प्रशिक्षु के व्यक्तिगत प्रदर्शन का विवरण भी तैयार किया जाता है।
इस त्वरित आपूर्ति की स्वदेशीकरण के एक मॉडल के रूप में सराहना की जा रही है, लेकिन केवल एक उपलब्धि खरीद में होने वाली प्रणालीगत देरी को ठीक नहीं करती। यह धारणा कि निजी कंपनियां हमेशा सार्वजनिक क्षेत्र से बेहतर प्रदर्शन करती हैं, पूरी बात नहीं कहती। जेन टेक्नोलॉजीज ने नौसेना के विशिष्ट दिशा-निर्देशों और कम समय सीमा के भीतर काम किया है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या नौसेना इन रेंज को व्यापक रूप से एकीकृत कर पाती है और बिना लागत बढ़ाए इनका रखरखाव कर सकती है। अगले साल तक सभी नौसैनिक अड्डों पर ऐसी कितनी इकाइयां तैनात की जाएंगी।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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