
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण मामले में विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने 6 नवंबर को छह सदस्यीय डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। Aaj Tak के अनुसार, यह कमेटी STF की रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी शिक्षकों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। TV9 Hindi की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों की ओर से प्रस्तुत प्रत्यावेदनों पर भी चर्चा हुई, जिनमें यह आपत्ति उठाई गई कि कुछ लोगों के नाम गलत और अनुचित तरीके से शामिल किए गए हैं।

STF ने पिछले साल (2025) कथित धर्मांतरण और 'लव जिहाद' के दावों के बाद जांच शुरू की थी। जनवरी 2026 में लखनऊ पुलिस ने KGMU के पैथोलॉजी विभाग के जूनियर रेजिडेंट रमीजुद्दीन और एक मेडिकल इंटर्न को गिरफ्तार किया था। TV9 Hindi के अनुसार, रमीजुद्दीन पर दो महिलाओं का यौन शोषण करने और उनका धर्म बदलने की कोशिश करने का आरोप है। Aaj Tak की रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में आरोपी का डार्क वेब के जरिए देशभर में नेटवर्क होने और 500 से अधिक अश्लील वीडियो मिलने का खुलासा हुआ है। कमेटी अब STF रिपोर्ट और सभी पक्षों के तथ्यों की जांच करेगी।
दोनों आउटलेट KGMU द्वारा छह सदस्यीय अनुशासन समिति गठित करने की खबर देते हैं, लेकिन फोकस में अंतर है। Aaj Tak ने STF रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की तैयारी को प्रमुखता से रखा और डार्क वेब नेटवर्क व अश्लील वीडियो जैसी जांच की विस्तृत जानकारी दी। TV9 Hindi ने कार्य परिषद की बैठक में उठाई गई उन आपत्तियों को भी शामिल किया जिनमें कहा गया कि कुछ लोगों के नाम गलत तरीके से जोड़े गए हैं। दोनों ने रमीजुद्दीन की गिरफ्तारी और आरोपों का जिक्र किया। संतुलित नजरिया यह है कि STF की रिपोर्ट के आधार पर समिति गठित हुई है और समिति को रिपोर्ट के साथ सभी पक्षों के तथ्यों की जांच करनी है। यह देखना होगा कि समिति आपत्तियों पर क्या निर्णय लेती है और किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करती है।
Coverage: 2 sources, 2 neutral
Sources (2): aajtak.in (neutral report), tv9hindi.com (neutral report)
This brief was synthesised by AI from the 2 sources linked above, so one read covers every framing they carry. Methodology and corrections.