
सीबीआई ने झांसी-खजुराहो हाईवे रिश्वतकांड में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। aajtak.in की रिपोर्ट के अनुसार, एनएचएआई के जनरल मैनेजर पुरुषोत्तम लाल चौधरी और पीएनसी इंफ्राटेक के एमडी योगेश जैन…
सीबीआई ने झांसी-खजुराहो हाईवे रिश्वतकांड में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। aajtak.in की रिपोर्ट के अनुसार, एनएचएआई के जनरल मैनेजर पुरुषोत्तम लाल चौधरी और पीएनसी इंफ्राटेक के एमडी योगेश जैन समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। 2024 में चौधरी को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। यह रिश्वत प्रोजेक्ट की एनओसी और बिल पास कराने के लिए दी जा रही थी। पीएनसी इंफ्राटेक ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाया था, जो खुलने के एक महीने में ही दरारों से भर गया और मरम्मत के लिए पंखों का इस्तेमाल किया गया।


इस मामले में सरकार और विपक्ष दोनों को सबूतों के आधार पर बोलना चाहिए, न कि केवल आरोपों पर। कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है, लेकिन अखिलेश यादव का वीडियो राजनीतिक रंग ले रहा है। अदालत में चार्जशीट के बाद अब यह देखना होगा कि क्या सीबीआई आरोपों को साबित कर पाती है और क्या पीएनसी इंफ्राटेक को ठेके देने की प्रक्रिया में सुधार होता है। क्या सरकार इस मामले में स्वतंत्र जांच की अनुमति देगी?
Sources (2): aajtak.in, aajtak.in (2)
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.