
त्योहारी सीजन शुरू होते ही FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर में अस्थायी भर्ती तेज हो गई है। अनुमान है कि इस सीजन में कम से कम पांच लाख अतिरिक्त…
त्योहारी सीजन शुरू होते ही FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर में अस्थायी भर्ती तेज हो गई है। अनुमान है कि इस सीजन में कम से कम पांच लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा होंगी, जो 2021 के मुकाबले 20-25 फीसदी ज्यादा हैं। बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई में मांग सबसे ज्यादा है। कंपनियां इन-स्टोर प्रमोटर्स, काउंटर स्टाफ, कस्टमर सपोर्ट और डिलीवरी स्टाफ जैसी भूमिकाओं में भर्ती कर रही हैं। सीजनल कर्मचारियों की सैलरी में 8-10 फीसदी और B2C सेल्सपर्सन के लिए 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि महंगाई के कारण कंपनियां कुल बिक्री को लेकर सतर्क हैं।
आंकड़े भले ही उत्साहजनक हों, लेकिन महंगाई और कारोबारी अनिश्चितता को भूलना ठीक नहीं। पिछले दो सालों में रिवर्स माइग्रेशन और शटडाउन ने अस्थायी रोजगार को भी प्रभावित किया था। कंपनियों की सतर्कता बताती है कि मांग पूरी तरह पटरी पर नहीं है। सवाल यह है कि क्या पांच लाख का अनुमान हकीकत बन पाएगा, या करीब 25 फीसदी सैलरी बढ़ाने के बावजूद कर्मचारी टिकेंगे नहीं?
Source: bazaar.businesstoday.in
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