
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी। शनिवार को जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि…
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी। शनिवार को जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों ने जेन-Z को गुमराह करने की कोशिश की, जिसकी वजह से उन्हें पद छोड़ना पड़ा। प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर इस्तीफा पेश किया था।
प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJD ने युवाओं को उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में शामिल किया। प्रधान ने कहा कि वे किसान के बेटे हैं और 'वापस जाओ' के नारों से विचलित नहीं हैं। बता दें कि प्रधान ने 25 जुलाई को मंत्रालय छोड़ा था।
प्रधान का कहना है कि जेन-Z को गुमराह किया गया, लेकिन सवाल यह है कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में छात्रों का गुस्सा वाजिब था या नहीं। भाजपा नेता इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार की लापरवाही को उजागर कर रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या CBI और ED जांच में दोषियों पर कार्रवाई होती है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।
Source: aajtak.in
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