
अगर घर के नल में पानी का प्रेशर अचानक कम हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार छोटी-मोटी समस्या होती है, जिसे खुद ठीक किया जा सकता है। सबसे…
अगर घर के नल में पानी का प्रेशर अचानक कम हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार छोटी-मोटी समस्या होती है, जिसे खुद ठीक किया जा सकता है। सबसे पहले नल के मुंह पर लगी जाली (एरेटर) को चेक करें। इसमें मिट्टी या रेत जमा होने से पानी धीरे आने लगता है। इसे साफ करने से अक्सर प्रेशर ठीक हो जाता है। अगर कई नलों में पानी कम आ रहा है, तो पानी की टंकी और उसके वाल्व की जांच करें। हो सकता है कि वाल्व पूरा न खुला हो या टंकी में पानी का लेवल कम हो।

पाइप में गंदगी या जंग जमने से भी पानी का रास्ता संकरा हो सकता है, जिससे प्रेशर कम होता है। पुराने पाइपों में यह समस्या आम है। इसके अलावा, यह भी देखें कि समस्या पूरे घर में है या सिर्फ एक नल में। अगर एक ही नल में कमी है, तो समस्या उसी नल या उसकी पाइप में हो सकती है। लेकिन अगर पूरे घर में पानी कम है, तो बाहर से आने वाली सप्लाई में दबाव कम हो सकता है। पड़ोसियों से पूछकर इसकी पुष्टि की जा सकती है।
इन चीजों को चेक करने के बाद भी अगर प्रेशर ठीक न हो, तो पाइप में लीकेज या अंदर रुकावट हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्लंबर को बुलाना बेहतर होगा। घर में पानी का प्रेशर कम होने पर पहले नल की जाली, टंकी, वाल्व और बाहर की सप्लाई चेक करें। कई बार छोटी समस्या आसानी से ठीक हो जाती है।
पानी के दबाव में गिरावट का मतलब हमेशा बड़ी खराबी नहीं होता, लेकिन लीकेज या पाइप में रुकावट को नजरअंदाज करने पर पानी की बर्बादी और मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। शहरी इलाकों में म्यूनिसिपल सप्लाई में दबाव सुबह-शाम पीक आवर्स पर अक्सर कम होता है, जबकि पुरानी बिल्डिंगों में पाइपों में जंग और जमाव आम समस्या है। अगर सिर्फ एक नल में प्रेशर कम है, तो एरेटर या फ्लेक्सिबल पाइप में रुकावट संभव है। लेकिन पूरे घर में एकसाथ कमी होने पर मेन वॉल्व या अंडरग्राउंड टैंक की फ्लोट वॉल्व चेक करनी चाहिए। प्लंबर बुलाने से पहले यह पहचानना जरूरी है कि समस्या घर के अंदर है या बाहर सप्लाई में। बाहरी सप्लाई की समस्या होने पर नगर निगम से शिकायत की जा सकती है।
Source: aajtak.in
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