
रक्षाबंधन 2026 28 अगस्त को है, जिस दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह गहरा आंशिक ग्रहण सुबह 8:00 से 9:43 बजे तक होगा, जिसमें चंद्रमा का 96%…
रक्षाबंधन 2026 28 अगस्त को है, जिस दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह गहरा आंशिक ग्रहण सुबह 8:00 से 9:43 बजे तक होगा, जिसमें चंद्रमा का 96% भाग पृथ्वी की छाया में ढककर लाल (ब्लड मून) दिखेगा। लेकिन यह भारत में कहीं दिखाई नहीं देगा, यह केवल यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और पश्चिमी एशिया में दिखेगा।
धर्म शास्त्रों के अनुसार ग्रहण का सूतक केवल वहीं मान्य होता है जहाँ वह दिखे। चूंकि भारत में यह अदृश्य है, अतः रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भद्रा भी समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए बहनें सुबह के समय बिना किसी रोक-टोक के राखी बाँध सकती हैं।
हर साल ग्रहण-त्योहार के जोड़ पर अनावश्यक दुविधा फैलाई जाती है। शास्त्र के अनुसार सूतक केवल दृश्य क्षेत्रों में मान्य है, फिर भी लोग संशय में पड़ जाते हैं। इस बार भारत में ग्रहण दिखेगा ही नहीं, फिर भी क्या 'ब्लड मून' के डर से राखी टालने की बातें होंगी? देखें कि कितने लोग साफ-सुथरे ज्योतिषीय तथ्य को स्वीकार करते हैं।
Source: aajtak.in
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