
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में छात्रों ने स्कूल सुविधाओं, शिक्षकों और बस किराये से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। आजतक के अनुसार, लखनऊ में छात्रों ने खराब भोजन, इलाज…
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में छात्रों ने स्कूल सुविधाओं, शिक्षकों और बस किराये से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। आजतक के अनुसार, लखनऊ में छात्रों ने खराब भोजन, इलाज न मिलने और शिक्षकों की कमी के खिलाफ सड़क जाम की। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने मौके पर पहुंचकर उनकी बातें सुनीं। कन्नौज में जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने खुद को कमरे में बंद कर प्रशासन का ध्यान खींचा। डीएम आशुतोष मोहन ने शिकायतें सुनीं।
राजस्थान के अलवर में छात्राओं के प्रदर्शन के बाद सात नए शिक्षक तैनात किए गए। मध्य प्रदेश के सिरोंज में छात्राओं ने बस किराया घटाने की मांग की, जबकि उज्जैन में 700 से अधिक छात्राओं ने स्कूल विलय के खिलाफ धरना दिया। इन घटनाओं से स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही की कमी सामने आती है।
हर छात्र प्रदर्शन को ‘जेन-अल्फा क्रांति’ कहना उतना ही अतिरंजित है, जितना बच्चों की शिकायतों को अनुशासनहीनता बताना। यहां मुद्दे ठोस हैं: भोजन, शिक्षक, इलाज, सुरक्षित दूरी और किराया। अलवर में सात नियुक्तियां और अधिकारियों की मौके पर सुनवाई राहत के संकेत हैं, पर असली कसौटी यह होगी कि ये फैसले कितने टिकते हैं और बाकी स्कूलों में शिकायतों के निपटारे का तय समय क्या है।
Source: aajtak.in
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