
केंद्रीय कैबिनेट ने GOBARdhan योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन दस गुना बढ़ाने के लिए 23,731 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. यह…
केंद्रीय कैबिनेट ने GOBARdhan योजना को मंजूरी दे दी है. इसके तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन दस गुना बढ़ाने के लिए 23,731 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक चलेगी. सरकार CBG को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में अनिवार्य रूप से मिलाने की तैयारी कर रही है. पहले साल (2026-27) में 3% ब्लेंडिंग जरूरी होगी, जो बढ़कर 2028-29 में 5% हो जाएगी.
सरकार ने CBG की कीमत 2,110 रुपये प्रति MMBTU तय की है और नए प्लांट के लिए प्रति टन दैनिक क्षमता पर 2 करोड़ तक की पूंजी सहायता देने का प्रस्ताव है. मौजूदा CNG वाहनों में कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा. इस योजना से गोबर, फसल अवशेष और जैविक कचरे का उपयोग कर ऊर्जा आयात घटाने का लक्ष्य है.
सरकार ने GOBARdhan योजना को मंजूरी देकर बायोगैस को बढ़ावा देने का बड़ा कदम उठाया है. लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या महज सब्सिडी और खरीद की गारंटी से CBG का उत्पादन दस गुना बढ़ पाएगा. पिछली योजनाओं में लक्ष्य से पीछे रहने का अनुभव है. किसानों और छोटे उद्यमियों को कचरे की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल करना असली चुनौती है. क्या 2026-27 में 3% ब्लेंडिंग का लक्ष्य पूरा होगा, यही असली परीक्षा होगी.
Sources (2): bazaar.businesstoday.in, aajtak.in
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.