
मारुति सुजुकी इंडिया ने BTIndia@100 शिखर सम्मेलन में दावा किया कि भारत से होने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्यात में उसकी हिस्सेदारी लगभग 90% है, जबकि कंपनी के पास फिलहाल केवल…
मारुति सुजुकी इंडिया ने BTIndia@100 शिखर सम्मेलन में दावा किया कि भारत से होने वाले कुल इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्यात में उसकी हिस्सेदारी लगभग 90% है, जबकि कंपनी के पास फिलहाल केवल एक EV मॉडल, ई विटारा एसयूवी, है। प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि भारत सुजुकी ग्रुप के लिए कार निर्माण का बेहद महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।

यात्री वाहन निर्यात में भी मारुति की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 तक लगभग 55% होने का अनुमान है, जबकि घरेलू बाजार में उसकी हिस्सेदारी इस साल करीब 41% है। ताकेउची ने कहा कि भविष्य की गतिशीलता केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि कंपनी बायोगैस जैसी वैकल्पिक तकनीकों पर भी ध्यान दे रही है।
उन्होंने दिल्ली जैसे शहरों में खराब वायु गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए बायोगैस को कार्बन न्यूट्रल या कार्बन नेगेटिव ईंधन बताया, जो EV से भी बेहतर विकल्प हो सकता है। कंपनी के बोर्ड ने पहले चरण में चार बायोगैस प्लांट लगाने को मंजूरी दी है, जिन पर 561 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह दावा बताता है कि मारुति ने EV निर्यात में पहली बढ़त बना ली है, जबकि घरेलू EV बाजार में टाटा मोटर्स और MG जैसी कंपनियों का दबदबा है। बायोगैस पर जोर सरकार के संपीड़ित बायोगैस (CBG) को CNG में मिश्रण करने के लक्ष्य से मेल खाता है। अगर ये प्लांट सफल रहे, तो मारुति ऑटो क्षेत्र में बायोगैस अपनाने की राह दिखा सकती है। हालांकि, बायोगैस के बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण की चुनौतियाँ अभी बाकी हैं। अगली बड़ी तारीख प्लांटों के चालू होने की समयसीमा होगी, जो अभी घोषित नहीं हुई है।
Source: bazaar.businesstoday.in
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