
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर रखा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कारोबारियों ने RBI के हस्तक्षेप की पुष्टि की। इसके बावजूद कच्चे तेल…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर रखा। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कारोबारियों ने RBI के हस्तक्षेप की पुष्टि की। इसके बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से करेंसी पर दबाव बना हुआ है। USD/INR 95.4075 पर कारोबार कर रहा था।

ब्रेंट क्रूड लगातार छठे दिन चढ़ा, जिससे भारत में महंगाई की चिंता बढ़ गई है। भारत अपनी ईंधन जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। इसका असर बॉन्ड बाजार पर भी पड़ा और 10 साल की यील्ड 1 बेसिस पॉइंट बढ़कर 6.79% हो गई। SBI के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्या कांति घोष ने RBI की संतुलित नीतिगत प्रतिक्रिया को जरूरी बताया।
RBI के डॉलर बिक्री को महज अस्थायी राहत बताना गलत होगा, क्योंकि भंडार मजबूत है। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों का लगातार बढ़ना रुपये की स्थिरता पर सवाल खड़ा करता है। साल की शुरुआत से रुपया एशिया की कमजोर मुद्राओं में रहा है। असली परीक्षा तब होगी जब क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाएगा, क्या RBI की भंडार क्षमता उस दबाव को झेल पाएगी?
Source: bazaar.businesstoday.in
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