
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी। एम यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक को…
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी। एम यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक को लेकर जेन-जेड को गुमराह करने की कोशिशें की गईं, जिसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफे की पेशकश की थी और उनके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।
ओडिशा के रायराखोल में एक अन्य बैठक में प्रधान ने BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि BJD कार्यकर्ताओं के 'वापस जाओ' के नारों से वे परेशान नहीं हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि पटनायक उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात बताते हैं, और कहा कि उन्होंने कभी राज्य को शर्मिंदा नहीं किया।
यह कहना कि 'जेन-जेड को गुमराह किया गया', सरकार की नाकामी को प्रदर्शनकारियों पर मढ़ने जैसा है। NEET पेपर लीक का मामला पारदर्शिता का है, न कि किसी पीढ़ी के बहकावे का। अब असली परीक्षा यह होगी कि केंद्र जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता देता है या मंत्री के इस्तीफे को ही अंतिम समाधान मान लेता है।
Source: aajtak.in
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