
Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav on Friday mocked the Uttar Pradesh government's pilot project to procure cow urine from farmers. 'Another step of UP government towards one trillion economy. Well, at least…
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को किसानों से गोमूत्र खरीदने की उत्तर प्रदेश सरकार की पायलट परियोजना पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर यूपी सरकार का एक और कदम है। कम से कम इससे विक्रेता कुछ तो खरीद पाएंगे।
राज्य सरकार ने इस परियोजना की शुरुआत बुलंदशहर की स्याना तहसील के 15 गांवों में की है। अभी गोमूत्र 10 रुपये प्रति लीटर के भाव से खरीदा जा रहा है और इसे बढ़ाकर 20 रुपये करने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य गौ संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और जैविक खेती से जोड़ना है। फिलहाल रोजाना लगभग 500 लीटर गोमूत्र इकट्ठा किया जा रहा है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी आसान राजनीति हो सकती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह योजना गोमूत्र के लिए कोई वास्तविक बाजार तैयार करेगी या फिर यह सब्सिडी का एक और अंतहीन जरिया बनकर रह जाएगी। सरकार का दावा है कि यह गौ संरक्षण को ग्रामीण आय से जोड़ती है, लेकिन गोमूत्र कौन खरीदेगा और उसका क्या उपयोग होगा, इस पर जानकारी अभी भी अस्पष्ट है। छह महीने बाद के खरीद आंकड़ों पर नजर रखने की जरूरत है कि क्या संग्रह रोजाना कुछ हजार लीटर से अधिक हो पाएगा। ट्विटर पर होने वाली बयानबाजी नहीं, बल्कि ये आंकड़े ही बताएंगे कि यह नीति है या केवल प्रचार।
स्रोत: thehindu.com
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