इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों की भारी फीस पर जताई चिंता

“Huge Disparity” In Private Hospital Fees: Allahabad High Court Flags Lack Of Regulation

The Allahabad High Court has flagged a "huge disparity" in private hospital charges and called for stronger regulation from the Centre and state governments to protect patients from exorbitant bills. A Lucknow…

संक्षेप में खबर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों द्वारा ली जाने वाली फीस में भारी अंतर पर गौर किया और नियामक तंत्र की कमी पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय एनजीओ ‘वी द पीपल’ द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ला की लखनऊ खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।

अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को करेगी। जनहित याचिका में शुल्क के मानकीकरण की कमी को रेखांकित किया गया है जिसके चलते मरीज मनमानी कीमतों का शिकार हो रहे हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा है।

द इंडियन ओपिनियन

अदालत ने निजी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मनमानी कीमतों को सही ढंग से उजागर किया है। हालांकि आमतौर पर इसका दोष केवल निजी लालच या सरकारी निष्क्रियता पर मढ़ा जाता है। असली सवाल यह है कि क्या पिछली या वर्तमान किसी भी सरकार के पास ऐसे उद्योग को विनियमित करने की इच्छाशक्ति है जो उनके खिलाफ पुरजोर लॉबिंग करता है। 21 सितंबर की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि क्या राज्य सरकार कोई ठोस योजना पेश करेगी या केवल खोखले आश्वासन देगी।


स्रोत (2): ndtv.com, ndtv.com (2)

यह खबर ऊपर दिए गए 2 स्रोतों से एआई द्वारा तैयार की गई है।

Ask their opinion on this story
They have read this article, our coverage, and the web.
AI simulations of historical figures. Responses are generated from the historical record, not authentic statements.

0 Votes: 0 Upvotes, 0 Downvotes (0 Points)

Share your opinion

Loading Next Post...
Search Trending
Ask their opinion
Loading

Signing-in 3 seconds...

Signing-up 3 seconds...

All fields are required.