
Archbishop Prince Antony Panengadan said peace begins from within and that God is the source of peace. He spoke at the 'Heal the World - Voices of Peace' programme at St Francis…
आर्कबिशप प्रिंस एंटनी पानेनगाडन ने कहा कि शांति की शुरुआत भीतर से होती है और ईश्वर ही शांति का स्रोत हैं। उन्होंने शुक्रवार को हैदराबाद के सेंट फ्रांसिस कॉलेज फॉर वूमेन में आयोजित ‘हील द वर्ल्ड – वॉयस ऑफ पीस’ कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने शांति के भारतीय संदेश के रूप में तेलुगु कवि गुरजाड़ा अप्पाराव की पंक्तियों और वसुधैव कुटुंबकम की प्राचीन भारतीय अवधारणा का उल्लेख किया।
तेलंगाना क्रिश्चियन माइनॉरिटीज फाइनेंस कॉरपोरेशन के अध्यक्ष दीपक जॉन ने कहा कि प्रेम और शांति एक दूसरे पर निर्भर हैं। कॉलेज की प्रिंसिपल टी. उमा जोसेफ ने युवाओं से शांतिदूत बनने और दीवारें नहीं बल्कि पुल बनाने का आह्वान किया।
‘वॉयस ऑफ पीस’ कार्यक्रम में प्रेरणादायक बातें तो कहीं गईं लेकिन शांति के लिए केवल वसुधैव कुटुंबकम के भाषण काफी नहीं हैं। जिस राज्य में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वास्तविक है वहां बाहरी उकसावे की घटनाओं पर बात किए बिना केवल आंतरिक शांति की अपील करना खोखला लग सकता है। आयोजकों ने स्थानीय स्तर पर मौजूद तनावों या किसी ठोस कार्ययोजना का कोई जिक्र नहीं किया। इस आयोजन की सफलता इस बात से मापी जाएगी कि क्या ये पहलें अंतरधार्मिक संवाद की दिशा में कोई ठोस कदम बनेंगी या फिर केवल सालाना रस्मी सभाएं बनकर रह जाएंगी।
स्रोत: thehindu.com
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