
Bengaluru entrepreneur Siddharth Dialani, founder of BharatAgri, has gone viral for a five-year social experiment where he and his wife leave their helmets unlocked on their two-wheeler across the city. In an…
भारतएग्री के संस्थापक और बेंगलुरु के उद्यमी सिद्धार्थ दिलानी एक पांच साल पुराने सामाजिक प्रयोग के लिए चर्चा में हैं जिसमें वे और उनकी पत्नी शहर भर में अपने दोपहिया वाहन पर हेलमेट खुला छोड़ देते हैं। 13 अगस्त को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में दिलानी ने कहा कि एक भी हेलमेट चोरी नहीं हुआ है और इसे उन्होंने यह जानने का कम लागत वाला तरीका बताया कि क्या बेंगलुरु एक भरोसा करने योग्य शहर है। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने सहमति जताई कि शहर भरोसेमंद है वहीं दूसरों ने तर्क दिया कि शिवाजीनगर या तिलक नगर जैसे गरीब इलाकों में चोरी हो सकती है और यह भी कहा कि सस्ते हेलमेट शायद चोरों को लुभाते ही नहीं।
आईआईटी स्नातक का यह कम लागत वाला प्रयोग ऑनलाइन खूब वाहवाही बटोर रहा है लेकिन यह 1.2 करोड़ की आबादी वाले शहर के बारे में कुछ भी साबित नहीं करता। पांच साल तक दो सस्ते हेलमेट के सुरक्षित रहने की एक अकेली घटना कोई डेटा नहीं है बल्कि यह केवल सर्वाइवरशिप बायस और वर्ग विशेष का विशेषाधिकार है। असली परीक्षा यह नहीं है कि किसी उद्यमी का सामान टेक कॉरिडोर में सुरक्षित है या नहीं बल्कि यह है कि शहर किसी दिहाड़ी मजदूर के सामान के साथ कैसा व्यवहार करता है। चलिए यही प्रयोग मैसूर रोड पर 500 रुपये के हेलमेट के साथ दोहरा कर देखते हैं न कि केवल किसी पॉश सोसाइटी के भीतर।
स्रोत: ndtv.com
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