
The Marcus Foundation, backed by late Home Depot co-founder Bernie Marcus, has committed $28.7 million to stem cell research at the University of Southern California. The funding supports physician-scientist Charles Murry's work…
होम डिपो के दिवंगत सह-संस्थापक बर्नी मार्कस द्वारा समर्थित मार्कस फाउंडेशन ने यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया में स्टेम सेल अनुसंधान के लिए 2.87 करोड़ डॉलर की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि चिकित्सक-वैज्ञानिक चार्ल्स मरे के उस काम का समर्थन करेगी जो दिल के दौरे से क्षतिग्रस्त हृदय की मांसपेशियों को पुनर्जीवित करने पर केंद्रित है। उनकी टीम अतालता (एरिथमिया) के जोखिम को कम करने के लिए स्टेम-सेल-व्युत्पन्न कार्डियोमायोसाइट्स और जीन संपादन का उपयोग कर रही है।
यह उपचार अभी प्रयोगात्मक है और इसके क्लिनिकल ट्रायल होने बाकी हैं। दिल का दौरा पड़ने से हृदय में निशान ऊतक (स्कार टिश्यू) बन जाते हैं जो अंग को कमजोर कर देते हैं। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि नई मांसपेशी कोशिकाएं हृदय की कार्यक्षमता को बहाल कर सकती हैं। मार्कस फाउंडेशन 1989 से अब तक 2.7 अरब डॉलर से अधिक का अनुदान दे चुका है और चिकित्सा अनुसंधान इसके प्रमुख लक्ष्यों में से एक है।
एक निजी फाउंडेशन की ओर से 2.87 करोड़ डॉलर का यह अनुदान अमेरिकी चिकित्सा परोपकार के विशाल स्तर को दर्शाता है। हालांकि भारतीय पाठकों को यह गौर करना चाहिए कि यहां इसी तरह का अनुसंधान अक्सर अनियमित सरकारी अनुदानों या छोटे सीएसआर बजट पर निर्भर रहता है। यह धारणा कि केवल अरबपति ही पुनर्योजी चिकित्सा को आगे बढ़ा सकते हैं भ्रामक है। डीबीटी जैसी सरकारी वित्तपोषित एजेंसियां वर्षों से स्टेम सेल पर अग्रणी काम कर रही हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या यूएससी की जीन-संपादित कोशिकाएं नई जटिलताओं के बिना मानव परीक्षणों में सफल हो पाएंगी। तब तक यह दान एक दांव है न कि कोई बड़ी सफलता।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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