
Former Haryana principal secretary ML Tayal, a 1976-batch IAS officer accused in a disproportionate assets case linked to the Manesar land deal, has moved the special CBI court in Panchkula. He seeks…
हरियाणा के पूर्व प्रधान सचिव और 1976 बैच के आईएएस अधिकारी एमएल तयाल ने मानेसर जमीन सौदे से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में याचिका दायर की है। वह मामला दर्ज होने से पहले की गई प्रारंभिक जांच से संबंधित दस्तावेज पेश करने की मांग कर रहे हैं। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
तयाल का दावा है कि सितंबर 2016 में उनके परिसरों की तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला था। उनका आरोप है कि यह मामला एक साल बाद एक झूठी शिकायत पर दर्ज किया गया। उनका कहना है कि एएसपी राम सिंह द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला था लेकिन जांच अधिकारी ने जानबूझकर उन दस्तावेजों को चार्जशीट से हटा दिया। फरवरी 2024 में दायर सीबीआई चार्जशीट में आरोप है कि तयाल के पास 2006 से 2014 के बीच करीब 9 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति थी।
तयाल का यह दावा गंभीर है कि मामला दर्ज होने से पहले हुई प्रारंभिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला था। हालांकि जनता ने अक्सर देखा है कि आरोपी अधिकारी जांच को लंबा खींचने के लिए प्रक्रियात्मक देरी का सहारा लेते हैं। सीबीआई को अब या तो दस्तावेज पेश करने होंगे या फिर यह बताना होगा कि उन्हें क्यों छुपाया गया। 17 सितंबर को अदालत का आदेश यह स्पष्ट करेगा कि वह जांच निष्पक्ष थी या महज खानापूर्ति।
स्रोत: hindustantimes.com
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