
Police in Karnataka have arrested four men for the car blast in Hippargi, Jamkhandi taluk, revealing a murder plot over a land and financial dispute. Superintendent of Police Sidharth Goyal said the…
कर्नाटक के जमखंडी तालुक के हिप्पाड़गी में कार बम धमाके के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और जमीन तथा आर्थिक विवाद के चलते हत्या की साजिश का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि 26 जुलाई को एक वाइन शॉप के पास जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल कर हनमंत अठानी की कार को उड़ाया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में शिवानंद, रेवणप्पा जल्ली, महादेव संगपुर और मल्लिकार्जुन भद्रन्नवर शामिल हैं। पांचवां आरोपी गजानन संगपुर, जिसने कथित तौर पर विस्फोटक उपलब्ध कराया था, फिलहाल फरार है।
विवाद तब शुरू हुआ जब शिवानंद के चाचा ने चार साल पहले चार एकड़ जमीन के बदले हनमंत से 40 लाख रुपये उधार लिए थे। ब्याज के साथ कर्ज बढ़कर 67 लाख रुपये हो गया और हनमंत ने जमीन अपने नाम करवा ली। शिवानंद ने बाद में जमीन पट्टे पर ली लेकिन कर्ज नहीं चुकाया और कथित तौर पर हनमंत को मारने की साजिश रची ताकि जमीन उसके पास ही रहे। विस्फोट विफल होने के बाद आरोपियों ने जमीन वापस मांगने के लिए धमकी भरे संदेश भेजे थे, जिसे खेत के सीसीटीवी से चुराए गए सिम कार्ड के जरिए ट्रैक किया गया।
हिप्पाड़गी मामला यह दर्शाता है कि कैसे मामूली आर्थिक विवाद विस्फोटक का उपयोग कर आपराधिक साजिश में बदल सकता है। अपराध के बढ़ते ग्राफ को महज एक लहर मानना गलत होगा क्योंकि यह एक विशिष्ट आर्थिक शिकायतों से उपजा लक्षित हमला था न कि रैंडम हिंसा। जांच का असली विषय यह है कि निजी लोगों तक जिलेटिन की छड़ें कैसे पहुंच रही हैं। क्या पुलिस अब आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाएगी और लाइसेंसिंग नियमों को सख्त करेगी? इस सवाल का जवाब ही बताएगा कि यह कोई इकलौती घटना थी या व्यवस्था की नाकामी।
स्रोत: deccanherald.com
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