
A Bengaluru-based Google employee, Diksha Aggarwal, shared a video on Instagram showing how an office vending machine provided free headphones after she forgot hers at home. The clip, captioned 'Perks at Google,'…
बेंगलुरु स्थित गूगल कर्मचारी दीक्षा अग्रवाल ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया कि कैसे ऑफिस की वेंडिंग मशीन ने उन्हें मुफ्त हेडफोन मुहैया कराए जब वह अपने हेडफोन घर पर भूल गई थीं। ‘पर्क्स एट गूगल’ कैप्शन वाले इस वीडियो में उन्हें मशीन से हेडफोन चुनते और तुरंत उन्हें प्राप्त करते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे सपनों का कार्यस्थल बताते हुए सराहना की है। गूगल के दफ्तर ऐसी सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह कहानी कंपनी की कर्मचारी हितैषी संस्कृति को दर्शाती है।
यह वीडियो एक विशेषाधिकार प्राप्त कार्यस्थल की झलक है जो अधिकांश भारतीय पेशेवरों की वास्तविकता नहीं है। सोशल मीडिया ऐसी सुविधाओं को तो हाइलाइट करता है लेकिन टेक क्षेत्र में उच्च कर्मचारी बदलाव और छंटनी को नजरअंदाज कर देता है। एक अच्छे नियोक्ता का वास्तविक पैमाना नौकरी की सुरक्षा और उचित वेतन है। क्या अगला वायरल पोस्ट उस पक्ष को भी दिखाएगा?
स्रोत: hindustantimes.com
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