
The Karnataka High Court on Friday stayed criminal proceedings against engineering student Punya C Naik, who was booked for allegedly throwing eggs at BJP MLA BP Harish during NEET-related protests last month…
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इंजीनियरिंग छात्रा पुण्या सी नायक के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। उन्हें पिछले महीने बेंगलुरु में केपीसीसी कार्यालय के बाहर नीट से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी विधायक बीपी हरीश पर अंडे फेंकने के आरोप में बुक किया गया था। जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने यह अंतरिम राहत तब दी जब नायक के वकील ने तर्क दिया कि यह मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है और छात्रा को मनमाने ढंग से उठाया गया है।
यह घटना तब हुई जब हरीश परीक्षा पेपर लीक को लेकर दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन का विरोध करने के लिए अकेले वहां पहुंचे थे जबकि अन्य बीजेपी नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में ले लिया था। नौ लोगों पर बीएनएस की धाराओं के तहत चोट पहुंचाने और गैरकानूनी सभा करने का मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने रोक लगाने से पहले राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
जस्टिस नागप्रसन्ना का यह फैसला सही मायने में यह परखता है कि क्या पुलिस ने वास्तविक दोषियों के बजाय मनमाने ढंग से छात्रों को आरोपी बनाया है। विरोध स्थल पर विधायक का अकेले होना और उनके सहयोगियों का हिरासत में जाना एक ऐसा विवरण है जिस पर गहन जांच की आवश्यकता है। यह कहना कि सभी आरोपियों ने हिंसा की थी शायद एक आलसी निष्कर्ष है। यहां पुलिस पर राजनीतिक दबाव और चयनात्मक हिरासत पर करीब से नज़र रखने की जरूरत है। मुख्य सवाल यह है कि क्या जांच में असली अंडे फेंकने वालों की पहचान हो पाएगी या यह मामला छात्र विरोध को दबाने का एक जरिया बनकर रह जाएगा।
स्रोत: barandbench.com
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